नवरात्रि के पहले दिन जितेंद्र सिंह ने ऐतिहासिक जस्मेरगढ़ किले में स्थित महाकाली मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर और किले के सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मंदिर में दर्शन के दौरान जितेंद्र सिंह ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थल केवल अतीत की पहचान नहीं होते, बल्कि वे समाज की परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को भी दर्शाते हैं। ऐसे स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जस्मेरगढ़ किले में स्थित महाकाली मंदिर स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहता है। इस दौरान श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
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जितेंद्र सिंह ने क्षेत्र में व्यापक बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, विकास कार्यों के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान बनाए रखना आवश्यक है। बेहतर बुनियादी सुविधाएं स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती हैं।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है। साथ ही, ऐसे स्थल पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने में भी योगदान दे सकते हैं।
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