उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित पहाड़ी नगर जोशीमठ में एक सरकारी भवन में कथित रूप से नमाज़ अदा किए जाने को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह भवन नगर पालिका द्वारा खेल विभाग को आवंटित किया गया था और यहां टेबल टेनिस सुविधा विकसित किए जाने का प्रस्ताव था।
हालांकि, पिछले कुछ दिनों से इस परिसर में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा सामूहिक नमाज़ अदा किए जाने की खबरें सामने आईं। बताया जा रहा है कि नमाज़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी इस वजह से यहाँ नवाज अदा करने के लिए लोग इकट्ठे हो गए।
स्थानीय लोगों ने सरकारी संपत्ति का धार्मिक उपयोग किए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह स्थान केवल खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित था और नगर पालिका ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भवन का उपयोग नमाज़ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि किसी भी सरकारी भूमि या भवन में धार्मिक गतिविधि करना नियमों के विरुद्ध है।
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क्षेत्र के हिंदू संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे परिसर में धार्मिक गतिविधियों का विरोध जारी रखेंगे।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रशासन ने हिंदू संगठनों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई की है और अब स्थिति नियंत्रण में है।
जोशीमठ, जिसे ज्योतिर्मठ भी कहा जाता है, उत्तराखंड का एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला नगर है। यह बदरीनाथ धाम का शीतकालीन गद्दी स्थल है और औली, फूलों की घाटी तथा हेमकुंड साहिब का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। हाल के वर्षों में यह नगर भू-धंसाव की समस्या को लेकर भी चर्चा में रहा है।
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