पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार एक दिलचस्प और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। घरेलू कामगार कलिता माझी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर चुनाव मैदान में उतारा है। वह पूर्व बर्धमान जिले की ऑशग्राम विधानसभा सीट से उम्मीदवार हैं।
करीब एक दशक से राजनीति में सक्रिय कलिता माझी आम जिंदगी जीने वाली महिला हैं, जो दो घरों में काम करके हर महीने लगभग 4,000 रुपये कमाती हैं। चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने अपने काम से एक महीने की छुट्टी ली है ताकि वह पूरी तरह चुनावी अभियान पर ध्यान दे सकें।
कलिता माझी ने बताया कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि पार्टी उन्हें दूसरी बार चुनाव लड़ने का मौका देगी। उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताया है, यह मेरे लिए बड़ी जिम्मेदारी है। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान प्रचार पर है।”
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उन्होंने यह भी बताया कि उनके काम करने वाले घरों के लोगों ने भी उन्हें समर्थन दिया है और चुनाव जीतने के लिए प्रोत्साहित किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम आम लोगों को राजनीति से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इससे यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि पार्टी आम और गरीब वर्ग के लोगों को भी नेतृत्व का मौका दे रही है।
इस चुनाव में कलिता माझी का मुकाबला मजबूत उम्मीदवारों से होगा, लेकिन उनकी कहानी पहले ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर चुकी है।
पश्चिम बंगाल में इस बार का चुनाव कई नए चेहरों और दिलचस्प मुकाबलों के लिए जाना जा रहा है, जिसमें आम जनता से जुड़े उम्मीदवारों की भागीदारी बढ़ती दिख रही है।
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