राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए कथित तौर पर “खरीद-फरोख्त” की राजनीति कर रही है।
कपिल सिब्बल ने दावा किया कि भाजपा की रणनीति किसी भी तरह संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ऐसा करने में सफल होती है तो वह अपनी इच्छानुसार कई महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है।
सिब्बल ने कहा कि दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद सरकार आरक्षण से जुड़े विधेयक या परिसीमन जैसे बड़े मुद्दों पर अपनी मर्जी के अनुसार कदम उठा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थागत संतुलन प्रभावित हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि संसद में पर्याप्त बहुमत किसी भी सरकार के लिए नीतिगत फैसले लेने में मदद करता है, लेकिन बहुमत का इस्तेमाल संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
कपिल सिब्बल ने भाजपा पर विपक्षी दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने के प्रयासों का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक दलों में बदलाव के पीछे सत्ता का दबाव और अन्य कारण हो सकते हैं।
हाल के दिनों में विपक्षी दलों ने दल-बदल और सांसदों के पाला बदलने को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। वहीं, भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों पर कई बार कहा गया है कि लोग उसकी नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताकर पार्टी से जुड़ रहे हैं।
संसद में संख्या बल को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी लगातार जारी है। आगामी सत्रों में परिसीमन, आरक्षण और अन्य संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है।
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