कर्नाटक पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने शनिवार को आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में हिरासत में लिया है।
गंगवार वर्तमान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। अधिकारियों के अनुसार, सीआईडी ने उनसे कई घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर जांच में सहयोग नहीं करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
परीक्षा के दौरान गंगवार थे नियंत्रक
अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताएं हुईं, उस समय गंगवार कर्नाटक लोक सेवा आयोग में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे। केपीएससी ने पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति के लिए यह परीक्षा आयोजित की थी।
और पढ़ें: नेपाल-तिब्बत बाढ़ को लेकर बढ़ी चिंता, चीन पर तबाही दिखाने वाला वायरल वीडियो सेंसर करने का आरोप
परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका अब सीआईडी की जांच के दायरे में है। गंगवार की हिरासत ऐसे समय हुई है, जब एजेंसी मामले में कथित गड़बड़ियों और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
जुलाई में सीआईडी को सौंपा गया था मामला
यह मामला शुरुआत में विधान सौधा पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। बाद में 28 जुलाई को आगे की जांच के लिए इसे सीआईडी को स्थानांतरित कर दिया गया। शिकायत मंजूनाथ नामक व्यक्ति ने दर्ज कराई थी। उन्होंने पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में केपीएससी अधिकारियों द्वारा कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
मामला सीआईडी को सौंपे जाने के बाद जांच एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की और संबंधित दस्तावेजों तथा घटनाक्रम की जांच की।
हाल में भी चर्चा में रहे थे गंगवार
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार हाल ही में उस समय चर्चा में आए थे, जब वह 20 अगस्त से दो दिनों तक संपर्क से बाहर रहे थे। बाद में उन्होंने सरकार से संपर्क किया। 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर तलाशी ली थी।
अब कर्नाटक सीआईडी की ताजा कार्रवाई सीधे केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है।
अधिकारियों के अनुसार, गंगवार से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों, कथित अनियमितताओं तथा इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
और पढ़ें: छह दिवसीय अमेरिकी दौरे पर पहुंचीं निर्मला सीतारमण, जी20 बैठक और निवेशकों से करेंगी चर्चा