कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने गृह कार्यालय ‘कृष्णा’ में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से जुड़े मुद्दों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्य रूप से कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) योजना की तैयारियों और राज्य में परीक्षा परिणामों में सुधार पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूलों की वर्तमान स्थिति, बुनियादी ढांचे और शिक्षण गुणवत्ता को लेकर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि केपीएस योजना को 1 जून से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।
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सिद्धारमैया ने इस दौरान परीक्षा परिणामों में सुधार को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग, डिजिटल शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की नींव होती है और इसे मजबूत बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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