कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 1 जून से ग्रेटर बेंगलुरु टाउनशिप परियोजना के लिए धन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और वैकल्पिक आवासीय या व्यावसायिक भूमि दी जा रही है।
डी.के. शिवकुमार ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 80 प्रतिशत से अधिक किसानों ने सहमति जता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की सहमति और हितों को ध्यान में रखते हुए ही इस परियोजना को आगे बढ़ा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रेटर बेंगलुरु टाउनशिप परियोजना का उद्देश्य राजधानी बेंगलुरु के आसपास सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। इससे न केवल शहर का विस्तार व्यवस्थित तरीके से होगा, बल्कि रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि किसानों को मुआवजे के साथ-साथ विकसित आवासीय और व्यावसायिक भूखंड भी दिए जाएंगे, जिससे उन्हें दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सरकार पारदर्शी तरीके से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरा कर रही है और किसी भी किसान के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना बेंगलुरु को एक वैश्विक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना के जरिए बुनियादी ढांचे, परिवहन और आवासीय सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाए।
इस घोषणा के बाद परियोजना से जुड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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