कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कहा कि राज्य में लागू की गई पांच गारंटी योजनाओं के तहत अब तक 1.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने न केवल महिलाओं के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है, बल्कि परिवारों की क्रय शक्ति (purchasing power) को भी मजबूत किया है।
सोमवार को बेंगलुरु के परेड ग्राउंड्स में गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल गहलोत ने कहा, “इन योजनाओं के परिणामस्वरूप कई अध्ययनों से यह संकेत मिला है कि लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ी है और परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं।” उन्होंने बताया कि गारंटी योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
राज्यपाल ने विशेष रूप से महिलाओं पर इन योजनाओं के सकारात्मक असर को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे महिलाओं में आर्थिक और सामाजिक उत्साह देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करना आसान हुआ है।
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थावर चंद गहलोत ने यह भी कहा कि कर्नाटक देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) संतुलित और स्वस्थ बना हुआ है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था की स्थिरता और उपभोक्ताओं के विश्वास को बल मिला है।
राज्यपाल के अनुसार, राज्य में 1.37 करोड़ परिवारों को किसी न किसी गारंटी योजना के तहत प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की इन पहलों ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया है और समावेशी विकास की दिशा में कर्नाटक को एक उदाहरण बनाया है।
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