राम मंदिर से जुड़े कथित दान गड़बड़ी मामले पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने बुधवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे मामले में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दान से जुड़े आरोपों पर स्पष्टता सुनिश्चित करे और जनता के सामने सही जानकारी रखे।
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार के धन के दुरुपयोग या अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि धार्मिक और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
राम मंदिर दान विवाद को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कुछ नेताओं ने मंदिर से जुड़े धन के इस्तेमाल और प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि मंदिर प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की गई है।
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कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी भी बड़े सार्वजनिक अभियान या धार्मिक संस्था से जुड़े चंदे का हिसाब-किताब पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और आम लोगों को यह जानने का अधिकार है कि उनके द्वारा दिया गया योगदान किस प्रकार इस्तेमाल किया जा रहा है।
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर देशभर में बड़ी संख्या में लोगों ने दान दिया है। मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए गठित संस्थाएं लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं।
कार्ति चिदंबरम के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए ताकि लोगों का विश्वास कायम रहे और किसी भी तरह की शंका को दूर किया जा सके।
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