ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर घाटी में जारी प्रदर्शनों के बीच बुधवार (4 मार्च 2026) को लगातार तीसरे दिन भी सख्त प्रतिबंध लागू रहे। अधिकारियों के अनुसार, एहतियातन शैक्षणिक संस्थानों को 7 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है, जबकि मोबाइल इंटरनेट की गति भी सीमित रखी गई है।
घाटी के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही और जमावड़े पर पाबंदी जारी रही। विशेष रूप से शिया बहुल इलाकों और पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान तैनात किए गए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर कंटीले तार और बैरिकेड लगाए गए हैं।
लाल चौक स्थित ऐतिहासिक घंटाघर क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है। रविवार (1 मार्च 2026) को यहां बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। अगस्त 2019 के बाद यह पहली बार है जब घाटी में इतने व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
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मंगलवार को उत्तर कश्मीर के सुंबल और पट्टन सहित कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। बांदीपोरा जिले के सुंबल में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा।
श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी और पूर्व महापौर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ कथित भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के आरोप में साइबर पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में बीएनएस की धाराओं 197(1)(d) और 353(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया पर झूठी एवं भ्रामक सामग्री फैलाना शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों और सामुदायिक नेताओं से संयम बरतने और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
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