उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा मार्ग पर शुक्रवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली। चिरबासा हेलीपैड के पास बादल फटने के बाद करीब 150 मीटर के क्षेत्र में भारी भूस्खलन हो गया। इसके कारण पैदल मार्ग पर बड़ी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आ गए। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के साथ मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने का काम शुरू किया। कुछ समय बाद पैदल यात्रियों की आवाजाही फिर शुरू कर दी गई। हालांकि, एहतियात के तौर पर घोड़े-खच्चरों की आवाजाही फिलहाल बंद रखी गई है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना में अभी तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन की टीमें लगातार मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाने में जुटी हैं। पहाड़ी क्षेत्र में मौसम लगातार बदल रहा है, इसलिए यात्रियों से सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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इस बीच बदरीनाथ धाम में एक अलग हादसे में राजस्थान की दो बुजुर्ग महिला तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं बदरीनाथ मंदिर के पास स्थित तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं। इसी दौरान वे बेहोश हो गईं।
सूचना मिलने पर दोनों को एंबुलेंस सेवा 108 से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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