कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि केईओ लॉन्च के माध्यम से राज्य के हर सरकारी स्कूल तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कंप्यूटिंग सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने इसे राज्य के बच्चों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल किसी उपकरण को लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सपना है। उनका उद्देश्य कर्नाटक के हर बच्चे को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में सीखने, नई चीजें बनाने और भविष्य को आकार देने का अवसर देना है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक के ग्रामीण गांवों से लेकर बड़े शहरों के केंद्रों तक रहने वाले बच्चों को आधुनिक तकनीक तक समान पहुंच मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि एआई कंप्यूटिंग की सुविधा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में तकनीकी समझ और रचनात्मक क्षमता विकसित करने में मदद करेगी।
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मुख्यमंत्री के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, रोजगार और प्रशासन सहित कई क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला है। ऐसे में स्कूली स्तर से ही विद्यार्थियों को एआई और आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीक से परिचित कराना जरूरी है।
इस पहल के जरिए सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कोई बच्चा तकनीकी शिक्षा से वंचित न रहे।
डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें एआई के क्षेत्र में नवाचार और निर्माण के लिए प्रेरित करेगी।
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