केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की भारी जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के चयन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी ने राज्य में 102 सीटें जीती हैं, जिनमें कांग्रेस को 63 विधानसभा सीटें मिली हैं, फिर भी मुख्यमंत्री पद पर फैसला नहीं हो पाया है।
कांग्रेस हाईकमान ने इस स्थिति के बीच अपने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे किसी भी प्रकार के आंदोलन या आंतरिक विरोध से बचें। वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जल्द से जल्द लिया जाएगा और जिसे भी मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, सभी उसे स्वीकार करेंगे।
फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नेताओं के नाम चर्चा में हैं—वी.डी. सतीसन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। इन तीनों नेताओं के समर्थकों के बीच पोस्टर वार और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, जिससे पार्टी के भीतर असमंजस और बढ़ गया है।
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सूत्रों के अनुसार, वेणुगोपाल और चेन्निथला इस दौड़ में आगे माने जा रहे हैं, लेकिन सतीसन के समर्थक उन्हें मजबूत उम्मीदवार बता रहे हैं। उनका कहना है कि सतीसन ने केरल कांग्रेस में नई पीढ़ी का नेतृत्व किया है और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।
वहीं, रमेश चेन्निथला, जो पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और गृह मंत्री रह चुके हैं, को भी अनुभवी और मजबूत विकल्प माना जा रहा है। दूसरी ओर, के.सी. वेणुगोपाल, जो लोकसभा सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं तथा राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं, उनके नाम पर भी विचार चल रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व अब इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या किसी केंद्रीय नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाए या राज्य के अनुभवी नेताओं को प्राथमिकता दी जाए। के मुरलीधरन ने भरोसा जताया कि पार्टी इस स्थिति को जल्द सुलझा लेगी और आंतरिक मतभेदों को नियंत्रित करने में सक्षम है।
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