केरल के पथनमथिट्टा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक बिरयानी कैफे के मालिक और मैनेजर को खाना खाने के बाद बीमार हुई महिला को संयुक्त रूप से 96,500 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। मामला रन्नी स्थित किंग्स बिरयानी कैफे से जुड़ा है। आयोग ने अस्पताल के खर्च, मानसिक परेशानी और मुकदमेबाजी के खर्च के लिए यह राशि तय की है।
शिकायतकर्ता वीचूचिरा निवासी रीना थॉमस के अनुसार, वह 21 अक्टूबर 2025 को अपनी बहन के साथ रन्नी के चेथोनकारा स्थित किंग्स बिरयानी कैफे गई थीं। दोनों ने अरबियन व्यंजन अल्फाहम का ऑर्डर किया। रीना ने आरोप लगाया कि खाना शुरू करने के कुछ देर बाद उन्हें स्वाद में अंतर महसूस हुआ। उन्होंने इसकी जानकारी वेटर को दी, लेकिन कथित तौर पर वेटर ने कहा कि खाने में कोई खराबी नहीं है और यह केवल उनका भ्रम है।
शिकायत के मुताबिक, रीना की बहन ने ज्यादा खाना नहीं खाया और बचा हुआ भोजन पैक करा लिया गया। रीना ने भोजन के लिए डेबिट कार्ड से 740 रुपये का भुगतान किया।
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घर लौटते समय रीना को उल्टी और पेट में दर्द होने लगा। बाद में उन्हें चक्कर, उल्टी और कमजोरी की शिकायत भी हुई। शुरुआत में वीचूचिरा के एक अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें कांजीरप्पल्ली के दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत के अनुसार, वह करीब एक सप्ताह तक अस्पताल में रहीं। डॉक्टरों ने कथित तौर पर बताया कि अधपके या बासी भोजन के कारण उन्हें साल्मोनेला संक्रमण हुआ था।
रीना के बेटे ने बाद में कैफे संचालकों को फोन कर उनकी स्थिति की जानकारी दी। आरोप है कि कैफे की ओर से कथित तौर पर 6,000 रुपये देने की पेशकश की गई, जिसे परिवार ने स्वीकार नहीं किया।
आयोग ने मालिक आशीष जॉन मैथ्यू और कैफे मैनेजर को नोटिस जारी किया। मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट की जांच के बाद आयोग ने शिकायत को सही माना।
आयोग ने 36,500 रुपये अस्पताल खर्च, 50,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में तय किए। यह राशि 30 दिनों के भीतर संयुक्त रूप से भुगतान करने का आदेश दिया गया है।
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