उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को एक वीडियो चर्चा का विषय बन गया, जिसमें राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक एक ही छाते के नीचे साथ चलते हुए दिखाई दिए। यह वीडियो खुद केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सोशल मीडिया मंच पर साझा किया।
वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, "कदम मिलाकर चलना होगा, उत्तर प्रदेश का ‘स्वर्णिम कल’ गढ़ना होगा।" इस पोस्ट को राजनीतिक एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
वीडियो साझा करने के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा में हंगामा करना, शोर-शराबा करना और सदन की कार्यवाही में बाधा डालना ही समाजवादी पार्टी का काम है, तो उसे अपना नाम बदलकर "हल्ला-गुल्ला पार्टी" रख लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही को लगातार बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को बहस, समाधान और जवाबदेही के लिए चुना है, न कि हंगामे और गतिरोध के लिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने इस दौरान भगवान श्रीराम के मुद्दे पर भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि जो दल पहले भगवान श्रीराम से दूरी बनाते थे, वे अब राम का नाम लेने लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भगवान श्रीराम दोनों दलों को सही दिशा दिखाएंगे।
गौरतलब है कि केशव प्रसाद मौर्य लगातार समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमलावर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि अब सपा के पास "राधे-कृष्ण" का जाप करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी समय-समय पर दोनों उपमुख्यमंत्रियों और भाजपा सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में बृजेश पाठक का एक वीडियो साझा करते हुए भाजपा पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए थे। ऐसे में दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है।
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