केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे देश के प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थानों को निशाना बना रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की मूल संरचना पर सीधा प्रहार है।
किरण रिजिजू ने अपने बयान में कहा कि कुछ विपक्षी पार्टियां लगातार न्यायपालिका, संसद और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही हैं, जिससे लोकतंत्र की नींव कमजोर होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रवृत्ति देशहित के खिलाफ है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर ऐसे व्यवहार का मुंहतोड़ जवाब देगी। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन संस्थाओं को कमजोर करना और उन पर अविश्वास फैलाना उचित नहीं है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह रचनात्मक भूमिका निभाए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में सहयोग करे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
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