दिल्ली सरकार ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई कल्याणकारी योजना ‘लखपति बिटिया योजना’ की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को इस योजना का ऐलान किया। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना तथा उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
इस योजना के तहत पात्र परिवारों की अधिकतम दो बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक किस्तों में कुल 56 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके बाद जब बेटी अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर लेगी, तो योजना परिपक्व होने पर उसे एकमुश्त 1 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि यह योजना परिवारों को बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करेगी और कम उम्र में शादी की प्रवृत्ति को भी कम करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये तक है। साथ ही, यदि कोई लड़की ग्रेजुएशन पूरी करने से पहले शादी कर लेती है, तो उसे परिपक्वता राशि का लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना पर सरकार लगभग 160 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
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सरकार ने यह भी घोषणा की कि पुरानी ‘लाडली योजना’ को 31 मार्च 2026 से बंद कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, लाडली योजना का क्रियान्वयन प्रभावी नहीं रहा और करीब 1.86 लाख लाभार्थियों को उनका भुगतान नहीं मिल पाया था। पिछले एक वर्ष में सरकार ने करीब 30 हजार ऐसी लड़कियों को खोजकर 90 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। इसके अलावा 41 हजार लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये और दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है और इससे शिक्षा तथा आर्थिक स्थिरता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
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