भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, जिनकी उम्र 98 वर्ष है, को सीने में संक्रमण की समस्या के चलते नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पार्टी और परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले इसी वर्ष मई में उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लालकृष्ण आडवाणी को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय भी उन्हें कुछ दिनों तक डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया था, जिसके बाद उनकी स्थिति स्थिर होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं और पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। वे देश के उप प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। भारतीय राजनीति में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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बढ़ती उम्र के कारण पिछले कुछ वर्षों से लालकृष्ण आडवाणी की सार्वजनिक गतिविधियां सीमित हो गई हैं और वे अधिकतर समय आराम करते हुए बिताते हैं। हालांकि, समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की खबरें आती रही हैं, जिसके चलते उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता बनी रहती है।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन या परिवार की ओर से लालकृष्ण आडवाणी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक इलाज जारी है। भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लालकृष्ण आडवाणी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
उल्लेखनीय है कि लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक जीवन कई दशकों तक फैला रहा है और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को देश की प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी बीमारी की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि वे भाजपा के उन चंद वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने पार्टी को उसके शुरुआती दौर से लेकर वर्तमान तक देखा है।
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