केंद्र की मोदी सरकार लोकसभा की कुल सीटों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, सरकार मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव ला सकती है। इसके साथ ही लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना भी है, जिसके तहत लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं।
इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए सरकार संसद के मौजूदा सत्र में एक संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। साथ ही, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया भी शुरू करने की तैयारी है।
इस मुद्दे पर विपक्ष भी सक्रिय हो गया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों के साथ बैठक की है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की बैठक में इस पर अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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प्रस्ताव के अनुसार, कई राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है। उत्तर प्रदेश की सीटें 80 से बढ़कर 120, बिहार की 40 से 60 और पश्चिम बंगाल की 42 से 63 हो सकती हैं। इसी तरह महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल सहित अन्य राज्यों में भी सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों ने पहले इस प्रस्ताव का विरोध किया था, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि इससे उत्तर भारतीय राज्यों को अधिक लाभ मिलेगा। लेकिन नए प्रस्ताव में सभी राज्यों की सीटें उनकी जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाने की बात कही गई है।
यदि यह विधेयक पारित होता है, तो यह भारत की संसदीय व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगा और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी नई मजबूती मिलेगी।
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