लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को कई दिनों से चल रहे विवाद के बीच 243 भैंसों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इन भैंसों को लखनऊ के पारा क्षेत्र से नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जब्त किया गया था। जब्ती के बाद इन्हें शहर के छह अलग-अलग केंद्रों पर रखा गया था।
नगर निगम के अनुसार, सोमवार को छह पशुपालकों ने नीलामी में सबसे अधिक बोली लगाकर इन सभी 243 भैंसों को करीब 58 लाख 89 हजार रुपये में खरीदा। इस नीलामी से नगर निगम को इतनी राशि का राजस्व प्राप्त हुआ।
नीलामी से पहले नगर निगम ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की थीं। अधिकारियों के मुताबिक, नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जिन लोगों ने नगर निगम या पुलिसकर्मियों पर हमला किया था अथवा नगर निगम के वाहनों में तोड़फोड़ की थी, उन्हें नीलामी में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई।
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जल्द पशुपालकों को सौंपी जाएंगी भैंसें
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी अभिनव वर्मा ने बताया कि नीलामी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई है। जल्द ही नीलामी में भैंस खरीदने वाले पशुपालकों को उन्हें सौंप दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक भैंस की औसत कीमत करीब 25 से 26 हजार रुपये रही। नीलामी में भैंस खरीदने वाले पशुपालकों ने सरकार से मांग की कि दूध का कारोबार करने वालों के लिए भी उचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि पशुपालकों को शहर में ऐसी जगह बसाया जाना चाहिए, जहां भविष्य में बार-बार हटाने की कार्रवाई न हो।
नीलामी के विरोध में प्रदर्शन
नीलामी से पहले लखनऊ नगर निगम मुख्यालय पर मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड ने जोरदार प्रदर्शन किया। अनीस राजा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और पशुपालकों ने नीलामी रोकने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जुर्माना लेकर भैंसों को उनके मालिकों को वापस किया जाए और नीलामी की प्रक्रिया रद्द की जाए। प्रदर्शन के दौरान नगर आयुक्त और महापौर के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। स्थिति को देखते हुए नगर निगम मुख्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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