लखनऊ को शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली, जब हिंदुजा समूह की कंपनी अशोक लेलैंड ने सरोजिनी नगर क्षेत्र में अपने नए ईवी निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह संयंत्र उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य के परिवहन का आधार हैं और आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होती जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में यह पहल देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस संयंत्र की वर्तमान उत्पादन क्षमता 2,500 ईवी यूनिट प्रति वर्ष है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 5,000 यूनिट प्रतिवर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं रहा, बल्कि एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस तरह की औद्योगिक परियोजनाएं राज्य में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगी।
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योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण, बेहतर बुनियादी ढांचे और निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। लखनऊ में ईवी संयंत्र की स्थापना से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में नई पहचान भी मिलेगी।
इस परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘ग्रीन इंडिया’ जैसी पहलों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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