भारत में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित हो रहे AI इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने बुधवार को AI जनित छवि साझा की। इस छवि में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिखाई दे रहे हैं, दोनों नेता हाथों से दिल का प्रतीक बना रहे हैं। इस छवि के साथ मैक्रॉन ने लिखा, "जब दोस्त मिलते हैं, तो नवाचार होता है। AI इम्पैक्ट समिट के लिए तैयार।" साथ ही इस छवि में "हां, यह AI है" भी लिखा था, जो समिट के तकनीकी विषय को दर्शाता है।
यह AI जनित छवि भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है, जिसमें मेज़ पर दो सफेद मग हैं, जिन पर फ्रांस और भारत के राष्ट्रीय ध्वज बने हुए हैं। मैक्रॉन ने इस छवि को X प्लेटफ़ॉर्म पर साझा किया, जिससे इसे ऑनलाइन बहुत ध्यान मिला और उपयोगकर्ताओं ने इस नवाचारी तरीके से ए.आई. के उपयोग की सराहना की।
समिट, जो 2025 के पेरिस ए.आई. एक्शन समिट से आगे बढ़ते हुए आयोजित हो रहा है, दुनिया भर के नेताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा ताकि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) के भविष्य पर चर्चा कर सकें। इस समिट का उद्देश्य भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है और यह मानवीय विकास, समावेशी वृद्धि और हमारे ग्रह की सुरक्षा के लिए AI के योगदान को बढ़ावा देना चाहता है।
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समिट में भारत और फ्रांस के रिश्तों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, जिसमें AI के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत किया जा रहा है। हाल ही में नई दिल्ली के एम्स में 'इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' की शुरुआत की गई है, जो फ्रांस के सोर्बोन विश्वविद्यालय और पेरिस ब्रेन इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर कार्य करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को मुंबई में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-फ्रांस संबंधों को 'विशेष' बताते हुए कहा कि दोनों देश वैश्विक स्थिरता के लिए एक साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के रूप में उभारा।
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