मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए नाव हादसे को लेकर अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया है। इस दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी। अदालत ने पुलिस को मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
यह हादसा पिछले सप्ताह बरगी बांध के जलाशय में हुआ था, जब एक क्रूज नाव पलट गई थी। इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) डी.पी. सुत्रकर ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गंभीर टिप्पणी की है।
अदालत ने कहा कि नाव के चालक और अन्य चालक दल के सदस्यों द्वारा डूबते हुए यात्रियों को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जो गंभीर लापरवाही है। मजिस्ट्रेट ने इसे “सदोष मानव वध का प्रयास” (culpable homicide) की श्रेणी में माना है।
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अदालत के आदेश में कहा गया है कि इस प्रकार की लापरवाही केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस को तत्काल FIR दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नाव पर सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया गया था।
परिजनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अदालत के आदेश के बाद जांच को और तेज कर दिया गया है।
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