तमिलनाडु के मदुरै शहर में चुनावी माहौल के बीच नागरिक मुद्दे एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। शहर के निवासियों ने वैगई नदी के पुनर्जीवन की मांग तेज कर दी है और सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।
मदुरै पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, केंद्रीय और तिरुप्परंकुंद्रम जैसे छह विधानसभा क्षेत्रों के लोगों ने लंबे समय से लंबित नागरिक समस्याओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। उनका कहना है कि वर्षों से इन मुद्दों पर केवल आश्वासन ही मिले हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, वैगई नदी की हालत लगातार खराब होती जा रही है। प्रदूषण, अतिक्रमण और जल प्रबंधन की कमी ने नदी के अस्तित्व पर खतरा पैदा कर दिया है। लोगों का मानना है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह नदी केवल एक याद बनकर रह जाएगी।
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चुनाव नजदीक आते ही नागरिकों ने नेताओं और राजनीतिक दलों पर दबाव बढ़ा दिया है कि वे केवल वादे न करें, बल्कि ठोस कार्य योजना पेश करें। स्थानीय संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी नदी के संरक्षण के लिए अभियान तेज कर दिया है।
निवासियों का कहना है कि वैगई नदी का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि शहर के जल संकट को दूर करने और जीवन स्तर सुधारने के लिए भी बेहद जरूरी है।
अब देखना यह होगा कि चुनावी माहौल में राजनीतिक दल इस महत्वपूर्ण मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या जनता की उम्मीदों पर खरे उतर पाते हैं।
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