महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के लिए मतदान गुरुवार (15 जनवरी 2026) सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ। इस चुनाव में सबसे ज्यादा नजरें मुंबई पर टिकी हैं, जहां भारत के सबसे बड़े और सबसे अमीर नगर निकाय—मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी)—पर नियंत्रण को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और एकजुट ठाकरे बंधुओं के बीच कड़ा मुकाबला है।
सुबह 7:30 बजे शुरू हुई वोटिंग 5:30 बजे तक चलेगी। इन नगर निगमों के 893 वार्डों में फैली 2,869 सीटों के लिए कुल 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं। 3.48 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मुंबई को छोड़कर अन्य शहरी निकायों में बहु-सदस्यीय वार्ड हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी।
2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद ये पहली बीएमसी चुनाव हैं, जब एकनाथ शिंदे ने पार्टी के अधिकांश विधायकों के साथ अलग होकर भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई थी। ₹74,400 करोड़ से अधिक के वार्षिक बजट वाली बीएमसी में 227 सीटों के लिए 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए मुंबई में 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
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कुल 39,092 मतदान केंद्रों में से 3,196 को संवेदनशील घोषित किया गया है। मतदान ईवीएम के जरिए हो रहा है। मुंबई में 11,349 कंट्रोल यूनिट और 22,698 बैलेट यूनिट तैनात की गई हैं। मतदाताओं में 1.81 करोड़ पुरुष, 1.66 करोड़ महिलाएं और 4,596 अन्य मतदाता शामिल हैं।
इस बीच, मुंबई में कुछ मतदाताओं ने मतदान के बाद उंगली पर लगी स्याही मिटने का आरोप लगाया, जिसे बीएमसी प्रशासन ने खारिज कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कंदिवली में वोट डालने के बाद चुनाव प्रक्रिया में “चूक” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट ठीक से काम नहीं कर रही और ईवीएम स्क्रीन पर उम्मीदवार का नाम पहले की तरह प्रदर्शित नहीं हो रहा है। उन्होंने नागरिकों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।
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