महाराष्ट्र में ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने गुरुवार 5 मार्च से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमेटी (एम-टीएसी) ने राज्य सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद यह फैसला लिया। इस संगठन में ट्रक, टेम्पो, बस, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा संचालकों के कई समूह शामिल हैं।
बैठक के बाद समिति ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे राज्य में परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे माल ढुलाई के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह ई-चालान प्रणाली को बताया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों का आरोप है कि मौजूदा ई-चालान व्यवस्था सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय चालकों और मालिकों को परेशान करने का जरिया बन गई है।
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मुंबई के लॉजिस्टिक्स उद्यमी और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मलकीत सिंह बल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट क्षेत्र लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहा है। उनका कहना है कि ई-चालान प्रणाली के तहत अक्सर बिना पर्याप्त जांच के भारी जुर्माने लगाए जाते हैं, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि सरकार को इस व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए और इसे फिलहाल वापस लेना चाहिए। उनका तर्क है कि डिजिटल निगरानी के नाम पर कई बार गलत चालान भी जारी हो जाते हैं, जिन्हें ठीक कराने में काफी समय और पैसा खर्च करना पड़ता है।
अगर हड़ताल लंबी चली तो राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, औद्योगिक परिवहन और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। फिलहाल ट्रांसपोर्ट संगठनों और राज्य सरकार के बीच समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं।
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