पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (6 जनवरी, 2026) को आरोप लगाया कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान भाजपा की आईटी सेल द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार दिया।
दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए दो दिवसीय दौरे के समापन से पहले पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर “हर तरह की गलत हरकतें” कर रहा है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, “ईसीआई योग्य मतदाताओं को ‘मृत’ घोषित कर रहा है और बुजुर्ग, बीमार व अस्वस्थ लोगों को जबरन सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। इसके अलावा, इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा की आईटी सेल द्वारा बनाए गए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पूरी तरह अवैध, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह सिलसिला नहीं चल सकता।”
और पढ़ें: SIR पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई: अनुच्छेद 324 के तहत मतदाता सूची तैयार करने का अधिकार निर्वाचन आयोग को, राकेश द्विवेदी की दलील
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के ये ताजा आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब उसी दिन पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान ईसीआई ने मनमानी और प्रक्रियागत अनियमितताओं का सहारा लिया है।
टीएमसी का दावा है कि एसआईआर अभ्यास के कारण राज्य के वैध और पात्र मतदाताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे एसआईआर में भाग लेते समय सतर्क रहें और उन लोगों का साथ दें, जिन्हें इस प्रक्रिया के कारण परेशानी हो रही है।
विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग के साथ टकराव तेज करते हुए ममता बनर्जी ने सोमवार (5 जनवरी, 2026) को भी कहा था कि वह राज्य में मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी। उन्होंने इस प्रक्रिया को डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी से जोड़ते हुए मौतों और अस्पताल में भर्ती होने की घटनाओं का भी आरोप लगाया था।
और पढ़ें: एसआईआर गणना प्रपत्र जमा करने की तारीख बढ़ाने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे ईसीआई: सुप्रीम कोर्ट