पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य की “पहचान और भविष्य” की रक्षा के लिए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग बंगाल के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जनता करारा जवाब देगी।
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने चौनरंगी, भवानीपुर, जादवपुर और टॉलीगंज क्षेत्रों में लोगों से मुलाकात की, जहां जनता पूरी तरह एकजुट और दृढ़ नजर आई। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग बंगाल को कमजोर करने और उसकी सांस्कृतिक पहचान को बदलने की साजिश रच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि बंगाल की भाषा, संस्कृति और आत्मसम्मान की रक्षा का सवाल है। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति, प्रगति और सम्मान बनाए रखना उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है।
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ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार की बाधाओं के बावजूद उनकी सरकार ने विकास और जनकल्याण योजनाओं को हर वर्ग तक पहुंचाया है। उन्होंने इन योजनाओं को जनता के लिए “जीवनरेखा” बताया और कहा कि कोई भी ताकत इन्हें छीन नहीं सकती।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट हों और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज मजबूत करें। साथ ही उन्होंने अपने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में वोट देने की अपील भी की।
पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिसे व्यापक जनभागीदारी का संकेत माना जा रहा है। अब दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
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