मणिपुर के कमजोंग जिले में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। भूकंप सुबह 5 बजकर 59 मिनट पर आया, जिससे क्षेत्र के लोगों में कुछ समय के लिए घबराहट फैल गई। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित आफ्टरशॉक या देरी से होने वाले प्रभाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की गहराई 62 किलोमीटर थी और इसका केंद्र कमजोंग क्षेत्र में स्थित था।
इसी बीच, जापान के उत्तरी तट पर सोमवार को एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद कई इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, इस भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 7.5 थी और यह सनरिकु तटरेखा के पास स्थानीय समयानुसार शाम 4:53 बजे आया। भूकंप समुद्र तल से लगभग 10 किलोमीटर नीचे उत्पन्न हुआ था।
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भूकंप के बाद तटीय क्षेत्रों में सुनामी की लहरें दर्ज की गईं। इवाते प्रांत के कुजी बंदरगाह पर लगभग 80 सेंटीमीटर ऊंची लहर पहुंची, जबकि उसी क्षेत्र के एक अन्य बंदरगाह पर करीब 40 सेंटीमीटर की लहरें देखी गईं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तीन मीटर तक ऊंची लहरें भी आ सकती हैं।
तटीय और नदी किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने और समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। इवाते प्रांत के 11 शहरों में निकासी की सलाह जारी की गई है, जबकि आओमोरी और दक्षिण-पूर्वी होक्काइडो में भी अलर्ट जारी है।
जापान पहले भी भूकंप और सुनामी की त्रासदी झेल चुका है। वर्ष 2011 में आए तोहोकू भूकंप और सुनामी में 22 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे।
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