शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करके “सभी हदें पार कर दी हैं।” मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने न केवल देश की राष्ट्रपति का अपमान किया, बल्कि आदिवासियों और संविधान का भी अनादर किया है।
प्रधानमंत्री के बयान उस विवाद के बाद आए हैं, जो पिछले सप्ताह उत्तर बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे को लेकर सामने आया था। राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा के दौरान कार्यक्रम स्थल के आखिरी समय में बदलने पर अपनी नाराजगी जताई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्यों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या किसी राज्य मंत्री ने उन्हें एयरपोर्ट पर स्वागत नहीं किया।
मोदी ने इस घटना को टीएमसी की कथित लापरवाही और आदिवासी समुदाय के प्रति असम्मान के रूप में देखा। उनका कहना था कि राष्ट्रपति का सम्मान हर भारतीय का सम्मान है और किसी भी पार्टी को उसे अपमानित करने का अधिकार नहीं है।
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प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और संविधान के मूल्यों का अनादर है। उन्होंने टीएमसी को चेतावनी देते हुए कहा कि देश और संविधान के खिलाफ किसी भी प्रकार की हरकत स्वीकार्य नहीं होगी।
इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में फिर से टीएमसी-विपक्ष के बीच तनाव पैदा कर दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू का दौरा और उसके दौरान हुई असुविधाएँ अब चुनावी और राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गई हैं।
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