ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने 15 सितंबर को बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों में आपसी सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने पर सहमति जताई।
जयसवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की चिंताओं को सामने रखा और कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। संबंधों को तीन ‘म्यूचुअल्स’ यानी आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के सिद्धांतों से निर्देशित किया जाना चाहिए।
बैठक में दोनों पक्षों ने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही, मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और सीमा विवाद का निष्पक्ष एवं स्वीकार्य समाधान तलाशने पर जोर दिया गया। व्यापार, सांस्कृतिक संबंध और दोनों देशों के लोगों के बीच आवागमन बढ़ाने की दिशा में भी काम करने की बात कही गई। आर्थिक एवं कारोबारी मुद्दों के समाधान तथा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
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ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमटी एल गैया पर हमले के संबंध में जयसवाल ने बताया कि 13 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। उन्होंने भारतीयों को बचाने के लिए ओमानी अधिकारियों का धन्यवाद किया।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें द्विपक्षीय यात्रा और बिम्सटेक अध्यक्ष के रूप में ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए अलग-अलग निमंत्रण दिए गए थे।
पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा पर जयसवाल ने इसे दिखावा बताया और कहा कि पाकिस्तान को घोषणाओं के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
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