राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित इस्कॉन मंदिर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में श्रद्धालुओं को संबोधित किया और बेघर लोगों के लिए भोजन वितरण अभियान में भी हिस्सा लिया। भागवत ने कहा कि कृष्ण चेतना दुनिया में मौजूद संघर्ष और विभाजन को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मंदिर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि आज दुनिया में अनेक तरह के संघर्ष और मतभेद मौजूद हैं। उनके अनुसार, इन विविधताओं के बीच लोगों को एकजुट करने वाली सबसे बड़ी शक्ति चेतना है। उन्होंने कहा कि यह चेतना कृष्ण चेतना है, जो मनुष्य को यह समझने में मदद करती है कि मूल रूप से सभी एक हैं।
भागवत ने कहा कि दुनिया में भले ही अनेक प्रकार की विविधताएं और विरोधाभास दिखाई देते हों, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से सब कुछ कृष्ण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि यह समझ लोगों के हृदय तक पहुंच जाए तो दुनिया निश्चित रूप से बेहतर और अधिक शांतिपूर्ण स्थान बन सकती है।
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उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति यह महसूस करने लगे कि हर चीज कृष्ण का हिस्सा है, तब दुनिया में मौजूद भौतिक संघर्षों और विभाजनों की जगह अधिक सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सकता है।
भागवत की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब वह अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की तीन देशों की यात्रा पर हैं। वह मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। शनिवार, 29 अगस्त, को उन्हें मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय समुदाय को संबोधित करना है। यह कार्यक्रम आरएसएस के शताब्दी वर्ष के आयोजनों के तहत आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ का हिस्सा है।
इस कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क में कुछ विरोध भी सामने आया है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहान ममदानी ने कहा कि वह आरएसएस के कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात को लेकर निश्चितता नहीं है कि शहर प्रशासन के पास निजी तौर पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार है या नहीं।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले आचार्य महामंडलेश्वर श्री स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि कार्यक्रम का विरोध करने वालों को अपनी राय व्यक्त करने और आलोचना करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सार्वभौमिक भाईचारे और सद्भाव का संदेश देगा।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ को अंतरधार्मिक आयोजन बताया, जिसमें विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों से जुड़े लोग शामिल होंगे।
वहीं, हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कार्यक्रम से पहले सुरक्षा संबंधी सलाह जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने, आसपास की परिस्थितियों पर नजर रखने और बातचीत के दौरान संयम बनाए रखने की अपील की है।
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