जेन ज़ेड युवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को राज्य के युवाओं के लिए बड़ा फैसला लिया। राज्य सरकार ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की घोषणा की है। राज्य मंत्री राकेश सिंह ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण देना है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राज्य मंत्री ने बताया कि इस पहल के तहत 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। चयनित बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें। सरकार का जोर कम उम्र में प्रतिभा तलाशने और उन्हें उचित प्रशिक्षण देने पर रहेगा।
राकेश सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि भविष्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता का है। युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने और देश के अन्य हिस्सों के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने योग्य बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश विधानसभा में ‘युवा संसद 2026’ का उद्घाटन किया था। उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी की अपील की थी। 12 राज्यों के 50 युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि युवा पढ़ाई करें, डॉक्टर और इंजीनियर बनें तथा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीति में भी आएं। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा कि आईसीएस परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने नौकरी ठुकराकर देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश सरकार ने खेल और युवा कल्याण के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। राज्य में फिलहाल 274 ‘सांदीपनि विद्यालय’ संचालित हैं और 200 अन्य विद्यालय जोड़े जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने हिंदू-मुस्लिम विवादों को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है और भारतीय संस्कृति में सभी नागरिक न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रीराम मंदिर जाने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और उनके लिए रामचंद्र तथा रहीम दोनों के समान अधिकार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले व्यापक स्तर पर सुझाव लिए थे और सभी जिलों तथा विभिन्न धर्मों के लोगों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
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