मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव इलाके में एक चाय की दुकान के पास छोड़ा गया मिठाइयों से भरा एक हरा थैला तीन लोगों की मौत का कारण बन गया। पुलिस के अनुसार, इन मिठाइयों में घोड़े की दवा मिलाई गई थी, जिसमें आर्सेनिक मौजूद था। इस घटना ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी, बल्कि एक कथित पारिवारिक साजिश का भी पर्दाफाश किया, जिसकी जड़ें घरेलू विवाद, दुर्व्यवहार के आरोप और सामाजिक बदनामी के डर से जुड़ी बताई जा रही हैं।
पुलिस ने बताया कि जनवरी की शुरुआत में चाय की दुकान के पास सब्जियों, नमकीन और मिठाइयों से भरा एक परित्यक्त थैला मिला था। स्थानीय लोगों द्वारा इन मिठाइयों का सेवन करने के बाद कई लोग बीमार पड़ गए। इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो आरोपी परिवार के ही रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, दो अन्य रिश्तेदारों को जहर देकर मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है।
रविवार को पुलिस ने इस मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जानबूझकर मिठाइयों में आर्सेनिक युक्त घोड़े की दवा मिलाई और उसे सार्वजनिक स्थान पर छोड़ दिया, ताकि लक्षित लोग उसे खा लें और मौत को दुर्घटना जैसा दिखाया जा सके।
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 109(1) (हत्या का प्रयास) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह साजिश लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद और कथित दुर्व्यवहार के आरोपों से जुड़ी हो सकती है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
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