गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह को बुधवार सुबह एक बम धमकी का ईमेल मिला। धमकी में कहा गया कि बंदरगाह पर स्थित एलपीजी (LPG) भंडारण टैंकों को विस्फोट के माध्यम से निशाना बनाया जाएगा। यह वही ईमेल था, जिसमें गुजरात विधानसभा भवन पर भी विस्फोट की धमकी दी गई थी।
धमकी ईमेल की सूचना मिलते ही कच्छ पश्चिम पुलिस ने मुंद्रा पुलिस, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) और डॉग स्क्वाड को तत्काल मौके पर भेजा। सुरक्षा बलों ने पूरे टैंक फार्म और आसपास के परिसर की पूरी जांच की। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और धमकी झूठी साबित हुई।
मुंद्रा बंदरगाह भारत के प्रमुख एलपीजी निर्यात केंद्रों में से एक है। बंदरगाह की सुरक्षा को लेकर प्रशासन हमेशा सतर्क रहता है। धमकी के तुरंत बाद भेजी गई सुरक्षा टीम ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न न हो।
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सुरक्षा एजेंसियों ने बंदरगाह कर्मचारियों और जनता को आश्वस्त किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह का खतरा नहीं है। इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा बलों की तत्परता और समय पर प्रतिक्रिया की क्षमता को भी उजागर किया।
वहीं, गुजरात विधानसभा भवन पर मिली धमकी की अलग जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां दोनों मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर रही हैं।
झूठी धमकी के बावजूद, मुंद्रा बंदरगाह पर एलपीजी संचालन सामान्य रूप से जारी रहा और सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
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