नागपुर की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से संबंधित धमकी कॉल और वसूली मामले में शाकिर पुजारी और अफसर पाशा को दोषी ठहराया।
अदालत ने आरोपियों के खिलाफ चल रही सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया। मामले में आरोप था कि दोनों अभियुक्तों ने केंद्रीय मंत्री को धमकी दी थी और साथ ही वसूली की कोशिश की थी। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान को ध्यान में रखते हुए दोषसिद्धि का निर्णय दिया।
इस मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया था कि आरोपियों ने धमकी कॉल के माध्यम से मंत्री को डराने का प्रयास किया और किसी वित्तीय लाभ की मांग की। अदालत में पेश किए गए कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेज और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्तों की दोषसिद्धि तय हुई।
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विशेष अदालत ने कहा कि इस प्रकार की हरकतें कानून और व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। अदालत के फैसले से यह संदेश जाता है कि किसी भी सरकारी अधिकारी को धमकी देना या अवैध वसूली करना कानून के तहत अपराध है और इसके लिए सख्त कार्रवाई होगी।
अधिकारियों ने बताया कि अब सजा की सुनवाई और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले की निष्पक्ष सुनवाई और दोषसिद्धि से न्यायपालिका की क्षमता और कानून के प्रति समाज का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।
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