ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रमुख नवीन पटनायक ने महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा का रुख ओडिशा की जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है।
नवीन पटनायक ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण के पक्ष में रही है, लेकिन महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम कई राज्यों, खासकर ओडिशा के प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए जटिल बना दिया है। बीजेडी का मानना है कि महिला आरक्षण को सीधे लागू किया जाना चाहिए, बिना किसी अन्य प्रक्रिया से जोड़े।
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नवीन पटनायक ने कहा कि उनकी पार्टी संसद में इस प्रस्ताव के खिलाफ इसलिए खड़ी हुई क्योंकि यह राज्यों के हितों के खिलाफ था। उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा जैसे राज्यों की आवाज को कमजोर करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा विवाद बन चुका है। विभिन्न क्षेत्रीय दल इस पर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।
इस बीच, लोकसभा में इस विधेयक के पारित न हो पाने के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। आने वाले समय में यह मुद्दा और भी राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है।
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