भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने बुधवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच संचालनात्मक समन्वय (ऑपरेशनल सिनर्जी) को और मजबूत करना था।
यह बैठक भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के बीच संयुक्त रक्षा सहयोग और बेहतर तालमेल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच हुई इस बातचीत में राष्ट्रीय सुरक्षा, संयुक्त अभियानों और आधुनिक युद्ध रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, ताकि किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, तटीय रक्षा और संयुक्त अभ्यासों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
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भारतीय सेना और नौसेना पहले से ही कई संयुक्त अभ्यासों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग बढ़ा रही हैं। इस मुलाकात को उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे दोनों बलों की क्षमता और समन्वय को नई मजबूती मिलेगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्च स्तरीय बैठकें भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करती हैं। इससे तीनों सेनाओं—सेना, नौसेना और वायुसेना—के बीच एकीकृत संचालन क्षमता को भी बढ़ावा मिलता है।
बैठक के अंत में दोनों अधिकारियों ने देश की सुरक्षा और रक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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