नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने जंतर-मंतर पर एक महीने तक चले सीजेपी के आंदोलन के समाप्त होने के बाद बड़े पैमाने पर सफाई अभियान शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों के स्थल खाली करने के तुरंत बाद 500 से अधिक सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो धरना स्थल पर छोड़े गए कचरे, टेंट, बैनर, अस्थायी ढांचों और अन्य मलबे को हटाने का काम कर रहे हैं।
शनिवार शाम आंदोलन समाप्त होने और प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर से हटने के बाद यह अभियान शुरू किया गया। केंद्र सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी।
एनडीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सफाई अभियान को तेज़ी से पूरा करने के लिए कर्मचारियों को कई शिफ्टों में लगाया गया है। उनका उद्देश्य जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह साफ कर पहले जैसी स्थिति में बहाल करना है। अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि प्रदर्शन के सभी अवशेष पूरी तरह हटाए जा सकें।
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सफाई कार्य में तेजी लाने के लिए एनडीएमसी ने ट्रक, ऑटो-टिपर और आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया है। इनमें गॉब्लर मशीनें भी शामिल हैं, जिनकी मदद से सड़क और सार्वजनिक स्थानों की तेज़ी से सफाई की जा रही है। इसके अलावा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अतिरिक्त कर्मचारियों को भी निर्माण मलबा, पत्थर और अन्य अवशेष हटाने के लिए लगाया गया है।
यह अभियान जंतर-मंतर रोड, टॉल्सटॉय मार्ग, जय सिंह रोड, संसद मार्ग और कनॉट प्लेस के कुछ हिस्सों तक चलाया जा रहा है, जहां आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रही थी।
एनडीएमसी का कहना है कि पिछले दो दिनों में धरना स्थल और आसपास के क्षेत्रों से कई टन मिश्रित कचरा हटाया जा चुका है। आंदोलन के दौरान कचरे की मात्रा लगातार बढ़ती गई थी, जिसके कारण चौबीसों घंटे सफाई अभियान चलाना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि जब तक पूरा क्षेत्र पूरी तरह साफ होकर सामान्य स्थिति में नहीं लौट आता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
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