राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) पेपर लीक मामले की जांच को लेकर संसद की एक महत्वपूर्ण समिति को जानकारी दी गई। इस दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक ने समिति के सदस्यों को जांच की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया।
सूत्रों के अनुसार, समिति के सदस्यों ने इस दौरान नीट-यूजी परीक्षा की पारदर्शिता और उसकी निष्पक्षता को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी परीक्षाओं की पवित्रता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि लाखों छात्र इसके परिणामों पर निर्भर रहते हैं।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि परीक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक की घटना को रोका जा सके।
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सीबीआई की ओर से समिति को बताया गया कि मामले की जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है और कई संदिग्ध पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। वहीं एनटीए अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
संसदीय समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सुधार किए जाएं, जिससे परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सके।
यह मामला देशभर में बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि नीट-यूजी परीक्षा मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है।
सरकार की ओर से भी यह आश्वासन दिया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाएगी।
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