इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार (28 मई 2026) को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्होंने इजरायली सेना को गाज़ा पट्टी के 70 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण करने का आदेश दिया है। यह कदम अक्टूबर 2025 में लागू हुए नाजुक युद्धविराम समझौते की शर्तों के खिलाफ माना जा रहा है।
नेतन्याहू ने यह बयान कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एक सम्मेलन के दौरान दिया, जिसका वीडियो इजरायल के चैनल 12 नेटवर्क द्वारा प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि इजरायल की सेना लगातार हमास पर दबाव बढ़ा रही है और क्षेत्र पर नियंत्रण को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में इजरायल गाज़ा पट्टी के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखता है, जो पहले 50 प्रतिशत था। उन्होंने कहा, “हम हमास पर दबाव बना रहे हैं। अब हम 60% क्षेत्र पर नियंत्रण रखते हैं। मेरा निर्देश है कि इसे बढ़ाकर 70% किया जाए।”
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यह बयान ऐसे समय आया है जब गाज़ा में संघर्ष और मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। युद्धविराम समझौते के बावजूद लगातार तनाव और सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू का यह आदेश क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है और शांति प्रयासों को झटका दे सकता है। वहीं, इजरायली सरकार का दावा है कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों और हमास के खिलाफ रणनीतिक दबाव के तहत की जा रही है।
गाज़ा पट्टी में स्थिति पहले से ही बेहद संवेदनशील बनी हुई है, और इस नए आदेश के बाद संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है।
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