राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कथित आतंकवादी साजिश के मामले में बड़ा रुख बदलते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक और छह अन्य विदेशी नागरिकों के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून यूएपीए की धाराएं आरोपपत्र में शामिल नहीं की हैं। सातों को इस साल मार्च में भारत विरोधी सशस्त्र जातीय समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने अदालत में दाखिल आरोपपत्र में आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाए हैं। हालांकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया कि यूएपीए के तहत संभावित अपराधों की जांच अभी जारी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक को कोलकाता हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। यूक्रेन के नागरिक पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक और इवान सुखमानोव्स्की को लखनऊ हवाई अड्डे से पकड़ा गया। वहीं, मारियन स्टेफानकिव, मैक्सिम गोंचारुक और विक्टर कामिंस्की को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था।
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एनआईए ने शुरुआत में मामले में यूएपीए की धारा 18 लगाई थी, जो आतंकवादी साजिश से संबंधित है। एजेंसी ने अदालत को बताया था कि आरोपियों की कथित भूमिका भारत और म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों को सहायता देने तथा ड्रोन प्रशिक्षण से जुड़ी हो सकती है।
आरोपपत्र के अनुसार, सातों ने दिसंबर 2025 में पर्यटक वीजा पर भारत में प्रवेश किया और कथित तौर पर मिजोरम के रास्ते म्यांमार पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने म्यांमार के विक्टोरिया कैंप में जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध, ड्रोन संचालन, असेंबली और जैमिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया।
एनआईए का दावा है कि आरोपियों के पास मिजोरम जाने के लिए जरूरी संरक्षित क्षेत्र परमिट नहीं था। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर म्यांमार में अवैध रूप से प्रवेश किया और मार्च 2026 में अनधिकृत रास्ते से भारत लौटे।
जांच एजेंसी ने बताया कि बड़ी संख्या में ड्रोन और उनके उपकरण बरामद किए गए हैं तथा कई डिजिटल उपकरणों की जांच जारी है। एनआईए का कहना है कि आगे की जांच से भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को प्रभावित करने वाली संभावित गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धारा 23 के तहत तीन साल तक की जेल और तीन लाख रुपये तक जुर्माना, जबकि धारा 21 के तहत पांच साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
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