संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में बायो-फार्मा क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।
वित्त मंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार पशुपालन, खेती और मत्स्य पालन जैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में निवेश और योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते के जरिए देश के हितों से समझौता किया गया है और भारत के टैरिफ 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिए गए, जबकि अमेरिका के टैरिफ 16 प्रतिशत से शून्य कर दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का डेटा किसी भी व्यापार समझौते में सबसे अहम संपत्ति है।
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राहुल गांधी के बयान के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन राहुल गांधी के बयान की सत्यता की जांच की मांग करेगा और उनके “गलत और भ्रामक” बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग करेगा।
वित्त मंत्री ने अपने जवाब में शिक्षा और कौशल विकास को जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही रोजगार से जुड़ी स्किल्स दी जाएं ताकि वे पढ़ाई पूरी करते ही आत्मनिर्भर बन सकें और उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए विभिन्न राज्यों में औद्योगिक क्लस्टर के साथ मेगा उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
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