केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ईंधन संबंधी ई20 नीति को लेकर बनाए गए कथित एआई डीपफेक वीडियो के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा और एक्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
मामला उन वीडियो से जुड़ा है, जिनमें कथित रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का इस्तेमाल कर नितिन गडकरी की आवाज और पहचान को गलत तरीके से पेश किया गया। इन वीडियो में ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना की जा रही थी और इन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
केंद्रीय मंत्री की ओर से उठाए गए इस कदम का उद्देश्य कथित रूप से भ्रामक और फर्जी सामग्री के प्रसार को रोकना है। एआई आधारित डीपफेक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर दुनियाभर में चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इसके जरिए किसी व्यक्ति की आवाज, चेहरा या बयान को बदलकर गलत सूचना फैलाई जा सकती है।
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ई20 नीति भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। हालांकि, इस नीति को लेकर कुछ वर्गों ने सवाल भी उठाए हैं।
नितिन गडकरी ने पहले भी कई मौकों पर ई20 ईंधन के फायदे गिनाए हैं और इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है। अब डीपफेक वीडियो मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी और ऑनलाइन फर्जी सामग्री पर नियंत्रण को लेकर बहस तेज हो सकती है।
मामले में आगे की जानकारी और कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत समेत कई देशों में एआई से तैयार फर्जी वीडियो और डिजिटल सामग्री के दुरुपयोग को रोकने के लिए नए नियमों और सख्त कार्रवाई की मांग बढ़ रही है।
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