उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार को वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं का आधिकारिक शुभारंभ हो गया। यह राज्य के विमानन बुनियादी ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। उद्घाटन उड़ान इंडिगो की फ्लाइट 6ई-2278 थी, जिसने सुबह 7:05 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी और सुबह 8:05 बजे जेवर एयरपोर्ट पर उतरकर इस नए हवाई अड्डे पर पहली निर्धारित वाणिज्यिक लैंडिंग का रिकॉर्ड बनाया।
इसके बाद यह विमान बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ, जहां इसके सुबह 11:05 बजे पहुंचने की उम्मीद है। इस सेवा की शुरुआत के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नियमित यात्री सेवाओं से जुड़ गया है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के एक नए विमानन केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उद्घाटन दिवस स्थानीय किसानों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि देने वाले लगभग 170 किसान जेवर से लखनऊ जाने वाली शुरुआती उड़ानों में से एक से यात्रा करेंगे। जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह के साथ यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एयरपोर्ट के विकास के लिए आभार व्यक्त करेगा।
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गौतम बुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में स्थित यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है। अधिकारियों का मानना है कि इससे राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख विमानन एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों में शामिल होगा।
परियोजना के पहले चरण में प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की गई है। वर्तमान में एयरपोर्ट पर एक रनवे, एकीकृत टर्मिनल भवन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर मौजूद हैं। 6 मार्च 2026 को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इसे एयरोड्रोम लाइसेंस प्रदान किया था।
करीब 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है। इंडिगो ने लखनऊ, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, श्रीनगर और पंतनगर सहित 16 से अधिक शहरों के लिए सेवाएं शुरू करने की योजना बनाई है। सरकार का अनुमान है कि यह परियोजना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक लाख रोजगार सृजित करेगी।
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