ओडिशा सरकार के मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने बुधवार को ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति से मुलाकात की। इस दौरान राज्य के सांस्कृतिक विकास और विरासत संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि ओडिशा की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ओडिशा दिवस से लेकर नववर्ष तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य के जनजातीय समुदायों की कला और संस्कृति अत्यंत समृद्ध है, जिसे संरक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि पारंपरिक कला रूपों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
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मंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल कला और संस्कृति को बचाना है, बल्कि युवाओं को इससे जोड़ना भी है।
राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि सांस्कृतिक विरासत किसी भी राज्य की पहचान होती है, जिसे संरक्षित रखना आवश्यक है।
इस मुलाकात को राज्य में सांस्कृतिक विकास और जनजातीय कला के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि यदि स्थानीय कला और परंपराओं को उचित मंच मिले तो वे रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकती हैं।
ओडिशा सरकार आने वाले समय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनजातीय कला प्रदर्शनियों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना बना रही है।
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