ओंगोले में मंगलवार, 12 मई 2026 को जलजीव (अक्वाकल्चर) किसानों ने मछली पालन विभाग कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का विरोध झींगा चारा की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ था। उन्होंने आंध्र प्रदेश राज्य जलजीव विकास प्राधिकरण (APSADA) की अनुमति के बिना कीमतें बढ़ाने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रकाशम झींगा किसान संघ के अध्यक्ष दुग्गिनेनी गोपीनाथ ने कहा कि झींगा चारा कंपनियों ने टाइगर झींगा के चारे की कीमत में प्रति किलोग्राम ₹10 से ₹70 और वैनामी झींगा के चारे की कीमत में ₹8 से ₹40 की वृद्धि कर दी है। उन्होंने बताया कि यह बढ़ोतरी राज्य सरकार की अनुमति के बिना की गई है। कंपनियों ने इसके पीछे का कारण कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बताई हैं।
किसानों ने कहा कि इस अचानक वृद्धि से उनका उत्पादन खर्च बढ़ गया है और उन्हें वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और APSADA से अपील की कि वे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और कीमतों को नियंत्रित करें।
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दुग्गिनेनी गोपीनाथ ने जोर देकर कहा कि झींगा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियों को पारदर्शी तरीके से कीमतें तय करनी चाहिए और किसानों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बैनर और पोस्टर के जरिए अपनी मांगों को उजागर किया। प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी और किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया।
यह विरोध ओंगोले और आसपास के जिलों में जलजीव किसानों की बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है, जहां उत्पादन लागत और बाजार अस्थिरता उनके लिए गंभीर चुनौती बन गई है।
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