केरल सरकार ने राज्य में बढ़ती नशाखोरी और ड्रग्स नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए ‘ऑपरेशन तूफान’ नामक एक विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मंगलवार को गृह विभाग की इस एंटी-ड्रग पहल का शुभारंभ करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का प्रसार राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी युवा है और यही राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन ड्रग्स माफिया युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराधों की प्रकृति में भी बदलाव आया है और वे पहले की तुलना में अधिक क्रूर और हिंसक हो गए हैं। कई मामलों में नशे के प्रभाव में युवाओं द्वारा अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की हत्या तक किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
‘ऑपरेशन तूफान’ दो प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। पहला, पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा नशा तस्करों और ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई। दूसरा, युवाओं और समाज में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन में गृह विभाग के अलावा शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग, स्थानीय निकाय, स्कूल, शिक्षक और अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने छात्रों से इस अभियान का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनने की अपील की।
इस अवसर पर गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि यह अभियान नशीले पदार्थों के खिलाफ “एकीकृत युद्ध” है, जिसमें सरकार के सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। उन्होंने ड्रग्स माफिया को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे अपनी गतिविधियां बंद नहीं करते हैं तो कानून की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा।
सरकार ने लोगों से भी सहयोग की अपील की है और आश्वासन दिया है कि ड्रग्स से जुड़ी जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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