असम में हाल की भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता पड़ सकती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करा रही है। यह सर्वेक्षण 30 अगस्त तक जारी रहेगा। इसके तहत ऊपरी असम के उन जिलों में करीब 50,000 से 60,000 परिवारों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, जो हाल की बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि सर्वेक्षण के पूरा होने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से केवल लोगों के घर ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि कई अन्य संपत्तियों और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को दोबारा सामान्य जीवन में लाने के लिए बड़े स्तर पर वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पुनर्वास और संपत्तियों की मरम्मत पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देने की तैयारी कर रही है।
असम में इस साल बाढ़ ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा, जबकि कई घर, सड़कें और अन्य संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना है। सर्वेक्षण के आधार पर प्रत्येक क्षेत्र और परिवार को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद सहायता और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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