हैदराबाद, तेलंगाना: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है।
ओवैसी ने अपनी शिकायत में कहा कि यह प्रक्रिया मतदाताओं और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर अनावश्यक बोझ डाल सकती है। उन्होंने आग्रह किया कि इसे सरल और अधिक व्यावहारिक बनाया जाए।
अपने प्रतिनिधित्व में ओवैसी ने कहा कि आगामी गणना फॉर्म में केवल 2025 की मतदाता सूची से संबंधित विवरण शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते मतदाताओं को स्वयं 2002 की मतदाता सूची से जानकारी खोजकर भरनी पड़ेगी।
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उन्होंने सुझाव दिया कि पहले किए गए प्री-SIR मैपिंग अभ्यास के दौरान एकत्र किए गए डेटा का उपयोग किया जाना चाहिए। इससे ऐसे प्री-फिल्ड फॉर्म तैयार किए जा सकते हैं, जिनमें 2002 और 2025 दोनों मतदाता सूचियों की जानकारी पहले से भरी हो।
ओवैसी ने कहा कि इससे मतदाताओं को होने वाली परेशानी कम होगी और बूथ लेवल अधिकारियों का कार्यभार भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि गणना फॉर्म को तेलुगु, उर्दू और अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे आसानी से समझ और भर सकें।
ओवैसी ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि पारदर्शिता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए SIR प्रक्रिया को पुनर्विचार किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सरल बनाना और हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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